Thursday, May 28, 2020

मक्के तू मक्कार नही,,स्वाद तेरा जायकेदार है..

मक्के तू मक्कार नही,,
स्वाद तेरा जायकेदार है..।। 
ये लाइन मेरे मित्र उमंग पाठक के द्वारा लिखा गया है , आज कल वो बहुत खुश रहते है जब वो अपने पेड़ से लीची या आम खाते है वो भी ताजा बिना किसी केमिकल से तैयार हुआ। आज मै ने देखा कि वो अपने वॉट्सएप पे पाठक जी ने मक्के के कच्चे वाले भुट्टे को नमक लगा हुआ शेयर मुझे तो बहुत लालच लगा लेकिन वही की में नौकरी बचाने के चक्कर में शहर में एक रूम में पड़ा हूं आज और आज कल शहर का हाल तो सब को पता होगा कि कुछ भी बाहर से मगवो और खा लो शाम को खांसी या कुछ दिक्कत हुआ दिमाग में आ जाता है कि बस कहीं में भी तो उस महामारी का शिकार तो नहीं इस लिए सब कम हो गया है लेकिन जल्द सब सही हो मै भी पाठक जी के घर जाऊ और साथ में इस कच्चे भुट्टे का आनंद लू .. 
धन्यवाद पाठक जी ❣️

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